ईरान के उप विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने यमन में राष्ट्र संघ के विशेष दूत के साथ टेलीफ़ोन पर हुई बातचीत में कहा है कि यमन संकट का एकमात्र समाधान युद्ध विराम और राष्ट्रीय वार्ता है।
अब्दुल्लाहियान का कहना था कि ईरान ने आरम्भ में ही यमन के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के युद्ध को सऊदी अरब की रणनीतिक ग़लती क़रार दिया था। उन्होंने कहा कि इस अन्यायपूर्ण युद्ध का परिणाम, केवल यमनी जनता का नरसंहार और इलाक़े में आतकंवाद का विस्तार है।
ईरानी उप विदेश मंत्री के अनुसार, तेहरान का मानना है कि यमनी दल और संगठन राष्ट्र संघ के नेतृत्व में संकट का समाधान निकाल सकते हैं।
यमन के मामलों में राष्ट्र संघ के विशेष दूत इस्माईल वलद अल-शेख़ ने भी यमन में युद्ध विराम के लिए प्रयासों पर बल दिया और कहा कि जितने जल्दी संभव हो सके युद्ध बंद होना चाहिए ताकि यमनी जनता की समस्याओं को कम किया जा सके।